लंगूर को बंधवाकर रखना डॉक्टर को पड़ा भारी, मेनका गांधी की शिकायत पर मुक्त, केस दर्ज
मेरठ
बंदर भगाने के लिए लंगूर को बंधवाकर रखना एक डॉक्टर को भारी पड़ गया। सांसद मेनका गांधी की शिकायत पर वन विभाग की टीम ने साकेत स्थित डॉक्टर के घर से लंगूर को बंधन मुक्त करा दिया। टीम को देखकर लंगूर मालिक और डॉक्टर फरार हो गए। दोनों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लंगूर को सहारनपुर में शिवालिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि सांसद मेनका गांधी और उनके प्रतिनिधि ने सूचना दी कि साकेत के ए-72 में रहने वाले डॉ. शलभ के घर पर एक लंगूर को बांधकर रखा गया है। वन विभाग की टीम ने छापा मारा तो छत पर मादा लंगूर वहां पाइप से बंधी हुई थी। टीम की पूछताछ में घर में मौजूद लोगों और आसपास के निवासियों ने बताया कि बंदर छत पर उत्पात मचाते हैं। ऐसे में बंदर न आएं, इसको लेकर डॉक्टर ने मंगलपांडे नगर निवासी राम सिंह से लंगूर मंगाकर यहां बंधवा रखा था।
कुत्ते और गिने-चुने जीव जंतुओं को छोड़कर घर में रखना अपराध है। बहुत से लोग घर में पिंजरे में चिड़िया और तोते को कैद करके रखते हैं। यह भी वन्य जीव जंतु अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। डीएफओ का कहना है कि ऐसे जीवों के अगर घर में कैद किए जाने की सूचना मिलती है तो वन विभाग कार्रवाई करेगा।

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